नई दिल्ली | दिल्ली सरकार ने राजधानी की बिगड़ती सफाई और बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 1,487 करोड़ रुपये की बड़ी सफाई योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत दिल्ली की करीब 2,800 किलोमीटर सड़कों की रोजाना मशीनों से सफाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे सड़क की धूल कम होगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
क्यों खास है यह सफाई योजना?
दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सड़क की धूल PM10 और PM2.5 प्रदूषण का बड़ा कारण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह दीर्घकालिक योजना बनाई है।
योजना की प्रमुख बातें:
- रोज 2,800 किमी सड़कों की सफाई
- 10 साल की अवधि के लिए लागू
- पूरी तरह मैकेनाइज्ड सिस्टम
- पर्यावरण के अनुकूल तकनीक
इलेक्ट्रिक मशीनों से होगी सफाई
इस योजना के तहत पारंपरिक तरीकों की जगह इलेक्ट्रिक रोड स्वीपर, वॉटर स्प्रिंकलर और इलेक्ट्रिक वाटर टैंकर का इस्तेमाल किया जाएगा।
इससे न केवल धूल कम उड़ेगी, बल्कि ईंधन की खपत और कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा।
प्रदूषण पर कितना पड़ेगा असर?
सरकार का मानना है कि इस योजना से:
✔ सड़क की धूल में बड़ी कमी आएगी
✔ एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) सुधरेगा
✔ सांस और एलर्जी से जुड़ी बीमारियों में राहत मिलेगी
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसके साथ अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी सख्ती जरूरी होगी।
रोजगार के अवसर भी बनेंगे
इस मेगा प्रोजेक्ट से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मशीन ऑपरेटर, तकनीकी स्टाफ और निगरानी से जुड़े कई पदों पर भर्तियां की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल निगरानी से होगी सख्त मॉनिटरिंग
दिल्ली सरकार इस योजना के तहत डिजिटल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करेगी। इससे यह देखा जा सकेगा कि कौन-सी सड़क कब और कैसे साफ की गई है।
क्या बदलेगी दिल्ली की तस्वीर?
अगर यह योजना सही तरीके से जमीन पर उतरी, तो आने वाले सालों में दिल्ली की सड़कों की हालत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। साफ सड़कें, कम धूल और बेहतर हवा — यही इस योजना का लक्ष्य है।
