आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की राजनीति काफी गरमाई हुई है, जहाँ ठाकरे परिवार के दो प्रमुख नेताओं — उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) — ने बीएमसी चुनाव में गठबंधन कर भाजपा को चुनौती देने का बड़ा प्लान बनाया है। इस गठबंधन का उद्देश्य मराठी पहचान और स्थानीय सत्ता पर पकड़ को मजबूत करना बताया जा रहा है।
राज ठाकरे ने प्रचार के दौरान हिंदी-भाषी राज्यों के प्रवासियों, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के खिलाफ तीखे बयान भी दिए हैं, जिन्हें लेकर सियासी बहस तेज़ है। उनके इन बयानों को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है।
दूसरी ओर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने केरल में सबरीमाला सोने की चोरी मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा एफआईआर दोषियों को बचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो भाजपा राज्य भर में विरोध प्रदर्शन करेगी और यह मुद्दा पार्टी की केरल विधानसभा चुनाव रणनीति का भी हिस्सा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह गठबंधन और बयानबाज़ी भाजपा-ठाकरे मुकाबले को और अधिक तीव्र बना रही है। दोनों ओर से बयानबाज़ी, गठबंधन रणनीतियाँ और चुनावी मुद्दे उभर रहे हैं, जिससे आगामी चुनाव में एक भारी सियासी टक्कर की संभावना बढ़ गई है।